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आप सभी को जान कर हैरानी होगी कि धरती माता और पर्यावरण का हत्यारा स्वंय मनुष्य (मानव) ही है जिसने धरती माता और पर्यावरण पर अपने स्वार्थ के लिए हर तरीके से प्रहार किया है जैसे:-

(1) मनुष्य ने वायु प्रदूषित कर दी (2) जल प्रदूषण व जल संकट कर दिया (3) जंगल काट दिये (4) ग्लोबल वार्मिंग का कारण बना (5) नदियाँ प्रदूषित कर दी (6) जगह - जगह कचरे के ढेर लगा दिये व गंदगी फैला दी I (7) धरती माता के अन्दर से सारे खनिज तत्व जैसे:- तेल, कोयला, पत्थर इत्यादि निकाल कर उसे खोखला कर दिया I (8) मनुष्य ने बेचारे जानवरों को भी नहीं बख्शा I उन सभी की भी क्रूरता के साथ हत्या करता जा रहा है और जीव - जन्तुओं (जानवरों) के रहने के लिए धरती पर कोई भी स्थान नहीं छोड़ा हैं I

(9) मनुष्य ही मनुष्य का दुश्मन बनाता जा रहा है - रंग - भेद, जात - पात, जमीन जायदाद, राजनीति, धन - दौलत, घृणा, लोभ, मोह - माया आदि प्रवितियों की वजह से मनुष्य सदेव एक दूसरे से लड़ता रहता है और इस वजह से चारो दिशाओं में आपराध व अशान्ति का माहौल बना रहता है और विश्व युद्ध का खतरा भी मंडरा रहा है I

(10) मनुष्य ने समुन्द्र के पानी को भी जहरीला व प्रदूषित कर दिया है जिस की वजहा से जल प्राणीयों का भी जीवन ख़तरे में पड़ गया है I

(11) इन सभी वजहों से भूस्खलन, भूकम्प, बाढ़, ज्वालामुखी, सूनामी, भयंकर गर्मी, ऐसिड रेन, सूखा, जलवायू परिवर्तन, भुखमरी व लाईलाज बीमारियाँ बढ़ती ही जा रही है I

भगवान जी भी धरती की तरफ देखते होंगे तो रोते होगें, यह जान कर की मनुष्य ने धरती माता और पर्यावरण का कितना बुरा हाल कर दिया है I इसे ही तो महाप्रलय कहते हैं फिर भी हम भगवान जी की बनाई हुई धरती, "हमारी धरती माता" की हत्या करने वाले (हम हत्यारे) भगवान जी की हर समय पुजा अर्चना व भजन - कीर्तन कर के उन से सदौव अपने स्वार्थ के लिए मांगते रहते है I हम सभी इतने अंधविश्वासी व लोभी कैसे हो सकते है I

भगवान जी को चमचे, पाखंडी, स्वार्थी व लालची प्रव्रत्ति के लोग नहीं चाहिए I भगवान जी को तो ऐसे लोग चोहिए जो निःस्वार्थ भगवान से भावना से मनुष्य के द्वारा धरती माता पर दिये गये अनगिनत जख्मों को भरने के लिए निरन्तन निस्वार्थ कार्य करते है I जैसे:- जल संकट दूर करने के कार्य, बच्चों को भीख मांगने से बचने के कार्य, बुजुर्गों की सेवा करने का कार्य, गार्बिज वेस्ट (कूड़ा) मैनेजमेंट के कार्य, ट्रेफिक जाम को दूर करने के कार्य, वायु प्रदूषण व जल प्रदूषण को दूर करने के कार्य, जंगलों को काटने से बचाने के कार्य, महिला सशक्तिकरण पर कार्य, बीमारियों को दूर करने के कार्य, विश्व शांति बनाऐ रखने के कार्य और समस्त मानव कल्याण, जीव जन्तुओं की सेवा व पर्यावरण की सेवा के लिए हर सम्भव कार्य करने होंगे नहीं तो महाप्रलय निश्चित है I यह कार्य ही ईश्वर की सच्ची आराधना व सत्संग है और केवल निष्काम सेवा मे ही ईश्वर का वास है I ईश्वर की भक्ति करनी है तो सेवा किजिए I सेवा का रास्ता ही आप सभी को मोक्ष की तरफ ले कर जाता है और केवल इससे ही आप का जीवन सफल हो सकता है I

आईये सभी मिलकर धरती माता व पर्यावरण की रक्षा करने के कार्य करें और अपना जीवन सार्थक बनाऐ I

निवेदक व आप सभी का शुभचिंतक,

 

रवि कालरा (कर्मयोगी)
प्रधान - दि अर्थ सेवियर्स फ़ाउंडेशन
हरियाणा सरकार व भारत सरकार से मान्यता प्राप्त
बंधवाड़ी गाँव, जिला गुरुग्राम, हरियाणा I